Skip to main content

कलक्टर पहुंचे पादरिया जाने कैसे निकालते हैं लोग बेरियों से पानी



रामसर बाड़मेर. जिला कलक्टर लोक बंधु ने गुरुवार को रामसर के पादरिया एवं अभे का पार पहुंच वहां स्थित बेरियों के पानी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र में पानी की समस्या को लेकर वार्ता की। उन्होंने नरेगा के अंतर्गत बेरियों का जीर्णोद्धार करने एवं हैंडपंप लगाने की भी बात कही। साथ ही ग्रामीणों के लिए आवश्यकतानुसार पानी का परिवहन करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान राजीव गांधी सेवा केंद्र पादरिया में जनसुनवाई हुई ।जिसमें पादरिया में उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत करने, चारदीवारी का निर्माण करने, पानी की सप्लाई समय पर करने एवं स्वास्थ्य संबंधित जांच करने सहित कई अन्य निर्देश दिए गए।
उन्होंने रामसर तहसील मुख्यालय का भी निरीक्षण किया । इस दौरान उन्होंने तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों को विभागीय गतिविधियों को त्वरित गति से संपादित करने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की ढिलाई बरते जाने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही उन्होंने समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गागरिया का निरीक्षण किया गया ।यहां पर एक एएनएम अनुपस्थित मिली। उन्होंने चिकित्सा प्रशासन को ओपीडी ऑनलाइन करने एवं दवाइयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

इस मौके पर उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकारी योजनाओं को क्रियान्वित करने के भी निर्देश दिए । इस दौरान उपखंड अधिकारी मीनू वर्मा, तहसीलदार प्रेमचंद्र, नायब तहसीलदार छोटेलाल सहित सहित कई अन्य उपस्थित रहे। गौरतलब है कि पादरिया की पेयजल समस्या काे लेकर राजस्थान पत्रिका ने फोटो स्टोरी प्रकाशित की थी जिसमें समस्या को उजागर कर बताया था कि लोग बेरियों से पानी पशुओं की जगह स्वयं जोत कर खींच रहे हैं।



source https://www.patrika.com/barmer-news/the-priest-reached-the-collector-to-know-how-people-extract-water-7497899/

Comments

Popular posts from this blog

‘तीनों कृषि कानून थे किसानों के हित में’

बाड़मेर. भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा ही कृषि एवं किसान के हित में ही कार्य किया है। उसी का परिणाम था कि किसान के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे बैंक अकाउंट में जमा होते हैं। तीनों कृषि कानून यद्यपि किसानों के हित में थे लेकिन हम अपनी बात को किसानों तक सही ढंग से बता नहीं पाए उसी का परिणाम रहा कि कुछ समय बाद कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेने पड़े। इन तीनों बिलों से निश्चित रूप से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव होने थे इनके पीछे केंद्र सरकार की मनसा स्पष्ट थी लेकिन अपनी बात बताने में हम विफल रहे। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख ललित बोथरा ने बताया कि आने वाले समय में भी केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसानों के हित में कार्य करती रहेगी। source https://www.patrika.com/barmer-news/all-three-agricultural-laws-were-in-the-interest-of-farmers-7186635/