Skip to main content

महिला महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया जारी

बाड़मेर. एम.बी.सी.राज. स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। तीनों संकायों में प्रथम वर्ष में आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी देते हुए प्राचार्य डॉ. हुकमाराम सुथार ने बताया कि छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती है। स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान एवं बी.ए.,बीकॉम.और बीएससी प्रथम और द्वितीय वर्ष की छात्राओं को क्रमश: द्वितीय और तृतीय वर्ष में प्रमोट कर अस्थायी प्रवेश दिया है।

कॉलेज शिक्षा राजस्थान की ओर से स्नातकोत्तर और द्वितीय तथा तृतीय वर्ष की छात्राओं को शुल्क भरने की आखिरी तिथि 31 अगस्त कर दी गई है। छात्राएं अपने आइडी के आधार पर किसी भी ई मित्र से निर्धारित फीस जमा करा सकतीं हैं। डॉ. सुथार ने बताया जिन छात्राओं को ्रमोट कर दिया गया है उन्हें ायुक्तालय कॉलेज शिक्षा राजस्थान की ओर से उनके रजिस्टर्ड मोबाइल पर सन्देश भेजा जा चुका है, यदि किसी को सन्देश प्राप्त नहीं हुआ है तो वह महाविद्यालय स्तर पर संपर्क कर सकतीं हैं।

प्रवेश समिति संयोजक एवं ऑनलाइन प्रवेश के नोडल अधिकारी मुकेश पचौरी ने बताया प्रथम वर्ष में कला में 300, वाणिज्य में 100 और विज्ञान में 88 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।

पचौरी ने बताया कि अब तक महाविद्यालय में 488 सीटों के लिए मात्र 313 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विभिन्न आरक्षित वर्ग या विशेष वर्ग, खेल, एनसीसी,एन.एस.एस. स्काउट आदि का लाभ जो छात्राएं लेना चाहतीं हैं, वे सम्बंधित वैध प्रमाण पत्र अवश्य लगाएं।

इस बार नए प्रावधान के मुताबिक यदि विद्यार्थी के दस्तावेजों में एतराज होने की स्थिति में एक सन्देश भेजा जाएगा जिससेउसे एक अवसर दिया जा सके कि अंतिम तिथि से पहले वह त्रुटि सुधार कर सके।



source https://www.patrika.com/barmer-news/admission-process-continues-in-women-s-college-7031751/

Comments

Popular posts from this blog

‘तीनों कृषि कानून थे किसानों के हित में’

बाड़मेर. भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा ही कृषि एवं किसान के हित में ही कार्य किया है। उसी का परिणाम था कि किसान के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे बैंक अकाउंट में जमा होते हैं। तीनों कृषि कानून यद्यपि किसानों के हित में थे लेकिन हम अपनी बात को किसानों तक सही ढंग से बता नहीं पाए उसी का परिणाम रहा कि कुछ समय बाद कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेने पड़े। इन तीनों बिलों से निश्चित रूप से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव होने थे इनके पीछे केंद्र सरकार की मनसा स्पष्ट थी लेकिन अपनी बात बताने में हम विफल रहे। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख ललित बोथरा ने बताया कि आने वाले समय में भी केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसानों के हित में कार्य करती रहेगी। source https://www.patrika.com/barmer-news/all-three-agricultural-laws-were-in-the-interest-of-farmers-7186635/