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ढाई साल की बेटी का उठा पहल कदम तो छलक गई मां की आंखें जानिए कैसे



बाड़मेर. भारत विकास परिषद मुख्य शाखा बाड़मेर और बाड़मेर जन सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय निशुल्क विकलांग शिविर में ढाई साल की बालिका को कृत्रिम पैर लगाया गया। शाखा अध्यक्ष किशोर शर्मा ने बताया कि रॉयकालानी रोड के हिमताराम सुथार के विवाह के 22 साल बाद एक विकलांग बेटी हुई। एक पांव की बालिका चंचल की दिनचर्या को लेकर माता को बहुत ही परेशानी रहती थी। बाड़मेर में जब विकलांग शिविर का आयोजन हुआ तो बालिका को लेकर माता-पिता पहुंचे।

भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के दक्ष तकनीशियन गोविंद शर्मा ने इस ढाई वर्ष की बालिका के एक पांव जोडक़र उसे नया जीवन प्रदान किया। बालिका को कृत्रिम पांव लगने पर बालिकाक के पहले कदम ने मां दरिया की आंखों को सजल कर दिया।

बाडमेर जन सेवा समिति के ओम प्रकाश मेहता ने बताया कि यह शिविर दिव्यांगों की सेवा के लिए ही नहीं, उनको समाज की मुख्य धारा से जोडऩे और आत्म निर्भरता के लिए आयोजित किया गया।

भारत विकास परिषद के उपाध्यक्ष (सेवा ) ओम जोशी ने बताया कि शिविर में 1100 दिव्यांगों को लाभ मिला।



source https://www.patrika.com/barmer-news/when-two-and-a-half-year-old-daughter-took-the-initiative-the-mother-7035731/

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