Skip to main content

7सूत्री मांगों को लेकर मंत्रालयिक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध

बाड़मेर. राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी सघर्ष समिति प्रदेश स्तर के आह्वान पर राज्यव्यापी आन्दोलन के अन्तर्गत गुरुवार को बाड़मेर जिले में मंत्रालयिक कर्मचारीयों ने अपनी 07 सूत्री मांगों के लिए काली पट्टी बांध आन्दोलन का आगाज किया।

राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी सघर्ष समिति बाड़मेर ने अपनी 07 सूत्री मांगों के अन्तर्गत स्टेट पैरीटी के आधार कनिष्ठ सहायक का ग्रेड़ पे 3600 लेवल-10 के साथ योग्यता स्नातक करने, वित्त विभाग के वेतन कटौती आदेश का प्रत्याहरित कर शासन के आदेश यथावत रखने, संघर्ष समिति एवं राज्य सरकार के मध्य हुए समझौते के अनुरूप संस्थापन अधिकारी के 1000, प्रशासनिक अधिकारी 5000, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी 10000, सहायक प्रशासनिक अधिकारी के 10000 कुल 26000 पदों का सर्जन करने की मांग की। शासन सचिवालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत मंत्रालयिक संवर्ग राजपत्रित एंव अराजपत्रित पदों में व्याप्त असमानता को दूर करने, पंचायतराज संस्थाओं के 12000 मंत्रालयिक कर्मचारियों पर वित्त विभाग के आदेश लागू करने, चयनित वेतनमान 9, 18 , 27 के स्थान पर 8, 16, 24, 32 वर्ष की सेवा करने तथा मंत्रालयिक संवर्ग के लिए पृथक निदेशालय की संस्थापना करने की मांग की।

पीराराम शर्मा, राजेश शर्मा, रामसिंह, दुर्जनसिंह, भागीरथ गुप्ता, अशोक भांभू, रघुवीरसिंह, हिम्मतसिंह, देवीलाल, हन्वन्तसिंह, सादूलसिंह, वासुदेव, हितेन्द्र, मदनसिंह, खेतसिंह, हनुमानसिंह, धाई एंव जानू देवी सहित अन्य मंत्रालयिक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध विरोध जताया।



source https://www.patrika.com/barmer-news/ministerial-employees-protest-against-the-point-demands-by-tying-a-bl-6966677/

Comments

Popular posts from this blog

‘तीनों कृषि कानून थे किसानों के हित में’

बाड़मेर. भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा ही कृषि एवं किसान के हित में ही कार्य किया है। उसी का परिणाम था कि किसान के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे बैंक अकाउंट में जमा होते हैं। तीनों कृषि कानून यद्यपि किसानों के हित में थे लेकिन हम अपनी बात को किसानों तक सही ढंग से बता नहीं पाए उसी का परिणाम रहा कि कुछ समय बाद कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेने पड़े। इन तीनों बिलों से निश्चित रूप से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव होने थे इनके पीछे केंद्र सरकार की मनसा स्पष्ट थी लेकिन अपनी बात बताने में हम विफल रहे। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख ललित बोथरा ने बताया कि आने वाले समय में भी केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसानों के हित में कार्य करती रहेगी। source https://www.patrika.com/barmer-news/all-three-agricultural-laws-were-in-the-interest-of-farmers-7186635/