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आखातीज पर जगी उम्मीद, अब बारिश के इंतजार में उड़ी नींद

बाड़मेर. आखातीज पर बारिश होने से अच्छे जमाने की आस जगी तो पिछले पन्द्रह-बीस दिन में दो-तीन बार बारिश का मौसम बना तो उम्मीदे परवान चढ़ी लेकिन बदले मौसम के बाद किसान अब थोड़े चिंतित है।

क्योंकि ज्येष्ठ माह की गर्मी के बीच बारिश नहीं होने से उनको और इंतजार करना पड़ेगा। एेसे में करीब सवा चार लाख किसानों को हळ जोतने का इंतजार है। हालांकि हाल ही में हुई बारिश के चलते कहीं-कहीं हळ चले लेकिन पूरे जिले को अभी भी खेती का इंतजार है। जिले में मानसून का इंतजार किसान पूरे साल करते हैं, क्योंकि यहां की खेती बारिश पर ही निर्भर है। जिले में करीब १९ लाख हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई होती है। अमूमन मई के आखिरी सप्ताह से जून तक भरपूर बारिश होती है जिस पर किसान आखातीन आते ही खेती-बाड़ी में जुट जाते हैं। एेसी मान्यता है कि आखातीज पर हळवा मेह होता है, इस बार भी अक्षय तृतीय व हाळी अमावस्या पर हल्की बूंदाबांदी हुई तो लगा कि अब बारिश का दौर शुरू होगा। इसके बाद तूफान की आशंका के बीच मौसम विभाग ने बाड़मेर में तूफान के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी तो किसान खुश हुए कि बारिश मानसून से पहले हो जाएगी, लेकिन तूफान का असर जिले में नहीं हुआ और बारिश का इंतजार रहा।

प्री मानसून ने भी किया निराश- कुछ दिन पहले मौसम विभाग ने प्री मानसून सकिय्र होने की बात कहते हुए बताया कि जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। इसके बाद पिछले शुक्रवार को जिले में कई जगह बारिश हुई लेकिन अधिकांश जिला सूखा ही रहा। एेसे में दो-चार गांवों को छोड़ कहीं पर भी खेतों की जुताई नहीं हुई। मानसून का इंतजार, किसान परेशान- पिछले कुछ दिनों से बारिश का इंतजार किसानों के लिए लम्बा हो रहा है। बढ़ती गर्मी के बीच समय से पहले बारिश होने पर जेठवाई बाजरा दिवाली से पहले आ जाता है जिसे बढि़या जमाना माना जाता है, लेकिन अब तक बारिश नहीं होने से खेत नहीं जुत रहे हैं।

एेसे में हर दिन किसानों के लिए परेशानी वाला है। किसान इंतजार कर रहे हैं तो बस एक बारिश का जिससे कि वे खेतीबाड़ी में जुट सके।

बारिश का इंतजार- किसानों को बारिश का इंतजार है। जून में बारिश होने पर अच्छे जमाने की आस रहेगी। अभी भी उमस व गर्मी तो है लेकिन बादल नहीं छा रहे। एेसे में बारिश जून में नहीं होने की आशंका है।- कानसिंह राजपुरोहित, बीसू खूर्द

जल्द बारिश हो तो बने बात- जल्द बारिश होने पर अच्छे जमाने की आस रहती है। क्योंकि जून में बारिश होने पर मानसून सक्रिय होते ही दो-तीन बारिश हो जाएगी जिससे बाजर, मूंग, मोठ और ग्वार की फसल बढि़या होगी।- बाबूलाल मांजू, किसान

अभी तो मानसून आएगा- अभी तक मानसून सक्रिय नहीं हुआ है। मानसून आने पर ही बुवाई जोर पकड़ती है। हालांकि प्री मानसून में बारिश होने पर जमाने की उम्मीद ज्यादा रहती है। वैसे इस बार मौसम विभाग ने अच्छी बारिश की भविष्यवाणी की है।- पदमसिंह भाटी, कृषि अधिकारी बाड़मेर



source https://www.patrika.com/barmer-news/hope-awakened-on-akhateej-now-sleepy-waiting-for-rain-6910207/

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