Skip to main content

पुरानी पेंशन बहाली के लिए 30 जून को वैश्विक ट्विटर अभियान

बाड़मेर. एनपीएसईएफआर देश के तिहत्तर लाख एनपीएस कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे को वैश्विक ट्विटर अभियान से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों के साथ वैश्विक परिप्रेक्ष्य तक उठाएंगे।

राजस्थान नर्सेज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष देवाराम चौधरी ने बताया कि संगठन ने पूरे देश के राज्यों के कर्मचारी संगठनों और एनपीएस कार्मिकों से अपील की है कि ट्विटर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।इसके साथ ही प्रदेश के सभी कार्मिक संगठनों व समस्त विभाग के कर्मचारी, शिक्षक, लिपिक, स्वास्थ्य कर्मचारी, अधिकारी, रेलवे कर्मी, पुलिस कर्मी, बैंक कर्मी, पैरा मिलिट्री के जवानों से भागीदारी करने के लिए अपील की हैचौधरी ने बताया कि केन्द्र सरकार ने जनवरी 2004 से 31 दिसंबर, 2003 के बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन प्रणाली एनपीएस लागू की।

नई पेंशन योजना पेंशन ना होकर म्यूच्यूअल फंड योजना है जो कर्मचारियों द्वारा लिए गए अंतिम मूल वेतन पर न्यूनतम पेंशन की गारंटी प्रदान नहीं करती है।

अन्य मुद्दों के अलावा एनपीएस या राष्ट्रीय पेंशन योजना में संशोधित महंगाई भत्ते को पेंशन में शामिल करने का प्रावधान नहीं है जबकि, पुरानी योजना में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते के संशोधन का लाभ प्राप्त होता।एनपीएसईएफआर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए शेयर बाजार से जुड़ी पेंशन प्रणाली के खिलाफ है। हमारी मांगें सरकार में सत्ता के गलियारों तक पहुंचे इसके लिए ट्विटर पर एक अभियान 30 जून को चलाया जाएगा।



source https://www.patrika.com/barmer-news/global-twitter-campaign-on-june-30-for-restoration-of-old-pension-6922796/

Comments

Popular posts from this blog

‘तीनों कृषि कानून थे किसानों के हित में’

बाड़मेर. भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा ही कृषि एवं किसान के हित में ही कार्य किया है। उसी का परिणाम था कि किसान के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे बैंक अकाउंट में जमा होते हैं। तीनों कृषि कानून यद्यपि किसानों के हित में थे लेकिन हम अपनी बात को किसानों तक सही ढंग से बता नहीं पाए उसी का परिणाम रहा कि कुछ समय बाद कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेने पड़े। इन तीनों बिलों से निश्चित रूप से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव होने थे इनके पीछे केंद्र सरकार की मनसा स्पष्ट थी लेकिन अपनी बात बताने में हम विफल रहे। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख ललित बोथरा ने बताया कि आने वाले समय में भी केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसानों के हित में कार्य करती रहेगी। source https://www.patrika.com/barmer-news/all-three-agricultural-laws-were-in-the-interest-of-farmers-7186635/