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श्रीरामदेव पशु मेला:नागौर के नराधणा व बलाया गांव बैल पालन पुश्तैनी धंधा, यहां के बैल मजबूत कद-काठी की नस्ल के कारण पशु मेले की बढ़ा रहे शान

दूध पिला बैलों को बच्चों की तरह पाल रहे 35 वर्ष में किशनाराम बेच चुके हैं 55 जोड़ी,एक बैल पर रोज खाने का खर्च 700 रुपए, बलाया के सोनू-मोनू की जोड़ी सबसे महंगी

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