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1971 के युद्ध में पाक के 48 टैंक व रेजिमेंट को किया था बर्बाद: रावल

1971 के युद्ध मे जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करते हुए करारी मात दी थी, इस युद्ध में भारतीय सेना के साथ-साथ बलवंत सिंह बाखासर और शौर्य चक्र विजेता ढोक निवासी चतर सिंह सोढा के योगदान को सेना कभी नही भुला सकती है। सिविलियन के अभूतपूर्व योगदान के चलते छाछरो तक भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना को खदेड़कर भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाई थी।

आज 50 वर्ष बाद भी हम 1971 के युद्ध की जीवंत संस्मरण लेकर बैठे है और भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर सेना का साथ देकर राष्ट्र हित मे अपना योगदान देंगे। उक्त उद्गार अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष और 1962, 65, 67 और 1971 के युद्ध मे ऐतिहासिक योगदान देने वाले कैप्टन हीरसिंह भाटी ने स्वर्णिम विजय वर्ष 1971 के अवसर पर आयोजित चतुर्थ साइकलोथान को रविवार को बाखासर में साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए।

टीम थार के वीर के सदस्य कंवराज जाखड़ ने बताया कि रविवार को बाखासर में स्वर्णिम विजय वर्ष 1971 की चतुर्थ साइक्लोथान रैली को बाड़मेर बोगरा ब्रिगेड के कमांडर सलिल सेठ, 13 गार्ड के कर्नल वीरेंद्र कुमार, 1971 के युद्ध के हीरो मालमसिंह रामसर, साता सरपंच तेजदान चारण और टीम थार के वीर और मरुगूंज संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर और मेजर एएन चौबे ने झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान दर्जनों साइकिल यात्रियों ने भारत माता की जय, वंदेमातरम सरीखे नारे लगाकर अपनी यात्रा प्रारंभ की। इस दौरान टीम थार के वीर ओर मरुगूंज संस्थान के संयोजक रघुवीरसिंह तामलोर ने कहा कि बाड़मेर जिला देशभक्ति का वर्तमान में देश का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, यहां के नौजवानों और बुजुर्गों ने आजादी से लगाकर अभी तक अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है।

यहां से बलवंत सिंह बाखासर और चतर सिंह सोढा ने भारतीय सेना का जिस तरह से गौरव बढ़ाया था उसे हमेशा याद किया जाएगा। इस दौरान 1971 का युद्ध लड़ चुके मालमसिंह रामसर ने कहा कि सीमांत बाड़मेर के नागरिक भी सैनिकों से कम नहीं है और यहां की युवा तरुणाई आज भी सेना के प्रति विशेष लगाव रखती है। साता सरपंच तेजदान चारण ने भी संबाेधित किया है। इस दौरान बाखासर और साता में ग्रामीणों ने साइकिल यात्रियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत सत्कार किया।
दर्जनों जगहों पर साइकिल रैली का स्वागत सत्कार

स्वर्णिम वर्ष 1971 के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित साइकिल रैली को बाखासर और साता में सरपंच तेजदान चारण के नेतृत्व में गाेरधनदान, नेतसिंह, रायसिंह, भीखसिंह, करणीदान और बाबूलाल राजपुरोहित ने स्वागत सत्कार किया वहीं धनाऊ में टीम थार के वीर के सदस्य सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में रावताराम हुड्डा, श्रवण विश्नोई, वजादिन खान, हसन खान, रमेश विश्नोई, खेताराम चौधरी, कमलेश बारूपाल, पूनमाराम सारण, किरताराम भांभू, प्रकाश सारण, देराज मूढ़, मजीत खान ,खानु खान ने पुष्प वर्षा कर सैनिकों की हौसला अफजाई की।



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बाड़मेर. बाखासर से रैली को रवाना करते हुए।


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