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मेड़ता के शिक्षक की अजमेर में उपचार के दौरान हुई मौत

हाल मेड़ता निवासी एक शिक्षक की रविवार रात को अजमेर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। जलवाना निवासी शिक्षक हरीश प्रजापति पुत्र नेमीचंद पोटर वर्तमान में भैरूंदा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थे। पिछले दिनों से उनकी तबीयत ठीक नही होने के कारण 18 सितंबर को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

गत 21 सितंबर को उनकी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इसके बाद 23 व 25 सितम्बर को फिर से जांच करवाई गई तो दोनों बार कोरोना नेगेटिव आई। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार अस्थमा की बीमारी होने के साथ उनके फेफड़ों में पानी भर गया। जिसके कारण रविवार रात में उनका निधन हो गया। गौरतलब है कि जिले में कुल 53 मरीज सामने आए है।



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‘तीनों कृषि कानून थे किसानों के हित में’

बाड़मेर. भाजपा जिलाध्यक्ष आदूराम मेघवाल ने केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस ले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमेशा ही कृषि एवं किसान के हित में ही कार्य किया है। उसी का परिणाम था कि किसान के खाते में 6000 रुपए प्रति वर्ष सीधे बैंक अकाउंट में जमा होते हैं। तीनों कृषि कानून यद्यपि किसानों के हित में थे लेकिन हम अपनी बात को किसानों तक सही ढंग से बता नहीं पाए उसी का परिणाम रहा कि कुछ समय बाद कृषि कानून केंद्र सरकार को वापस लेने पड़े। इन तीनों बिलों से निश्चित रूप से किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव होने थे इनके पीछे केंद्र सरकार की मनसा स्पष्ट थी लेकिन अपनी बात बताने में हम विफल रहे। भाजपा जिला प्रवक्ता एवं मीडिया प्रमुख ललित बोथरा ने बताया कि आने वाले समय में भी केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृत संकल्पित है तथा किसानों के हित में कार्य करती रहेगी। source https://www.patrika.com/barmer-news/all-three-agricultural-laws-were-in-the-interest-of-farmers-7186635/