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दसवीं में 60 व बारहवीं में 70% से कम रिजल्ट पर अब मिलेगी चार्जशीट

जिलेभर के सरकारी स्कूलाें में निर्धारित प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम देने वाली संस्था प्रधान एवं शिक्षकों पर गाज गिरेगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर रहा है जिनका दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम कम रहा है। इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी किए जा चुके हैं।

शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में संस्था प्रधान को 12वीं कक्षा का बोर्ड परीक्षा परिणाम 60 प्रतिशत और 10वीं का 50 प्रतिशत परीक्षा परिणाम निर्धारित किया हुआ है। इससे कम परीक्षा परिणाम रहने पर संबंधित को सेवा नियम सीसीए 17 में आरोपित किया जाता है और इस आरोप की जवाब व निर्णय होने तक आरोपी की पदोन्नति और एसीपी रुकी रहती है।

विभाग के अधिकारियाें के अनुसार निर्धारित से अधिक नामांकन कराने वाले संस्था प्रधान, व्याख्याता, वरिष्ठ अध्यापक का परीक्षा परिणाम न्यूनतम से 10 प्रतिशत कम रहने पर भी आरोप पत्र नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल के सकल परिणाम के साथ संबंधित विषय अध्यापकों के लिए परिणाम का मापदंड निर्धारित किया है।



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